नई दिल्ली, भारत – हाल ही में अस्पतालों में मकड़ी के काटने के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है, जिसके पीछे नोबल फॉल्स विडो (Noble False Widow) मकड़ी को जिम्मेदार माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन मकड़ियों के काटने से लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ सकते हैं, इसलिए इस विषय में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
नोबल फॉल्स विडो मकड़ी, जो इंग्लैंड समेत कई अन्य देशों में पाई जाती है, अपनी विषाक्तता और काटने की परेशानी के लिए जानी जाती है। हालांकि यह मकड़ी विषैले नेव से भरी होती है, फिर भी अब तक इसके काटने से जानलेवा स्थिति की कोई पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, अस्पतालों ने बताया है कि इस मकड़ी के काटने वाले मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिनमें कुछ को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि सामान्यत: ऐसे काटने में त्वचा पर लालपन, सूजन और जलन जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं, जो कुछ ही समय में ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ मामलों में संक्रमण और एलर्जी जैसी जटिलताएं सामने आ सकती हैं, जिनके लिए उपयुक्त उपचार आवश्यक होता है। उन्होंने लोगों से सलाह दी है कि यदि मकड़ी काटे तो तुरंत साफ-सफाई के बाद चिकित्सीय देखभाल लें और किसी भी असामान्य प्रतिक्रिया पर नजर रखें।
मकड़ी विशेषज्ञ डॉ. अमित शर्मा ने कहा, “नोबल फॉल्स विडो मकड़ी आमतौर पर घरों और इमारतों के आसपास बनी छोटी जगहों में छिपकर रहती है। लोग अनजाने में इनके संपर्क में आ सकते हैं, जिससे काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस मकड़ी को समझना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।” उन्होंने बताया कि यह मकड़ी आकार में छोटी होने के कारण अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, जिससे खतरे का अंदाजा नहीं हो पाता।
स्वास्थ्य विभाग ने भी मकड़ी के काटने से जुड़े मामलों पर नजर बनाए रखी है और स्थानीय अस्पतालों को बढ़ते मामलों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही, लोगों को मकड़ी के संपर्क से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि मकड़ी पकड़ने या मारने का प्रयास न करें क्योंकि इससे मकड़ी आक्रामक हो सकती है। इसके बजाय घर के आसपास सफाई रखें, फालतू सामान न रखें और मकड़ी के छिपने की संभावित जगहों को बंद रखें। अधिक जानकारी के लिए आप स्थानीय स्वास्थ्य कार्यालय या पोशाक मंडल से संपर्क कर सकते हैं।
