Women’s Commission sets up panel to probe alleged sexual harassment at TCS Nashik

टीसीएस नासिक में कथित यौन उत्पीड़न की जांच के लिए महिला आयोग ने गठित की जांच समिति

नासिक, महाराष्ट्र

महिला आयोग ने हाल ही में टीसीएस नासिक में कथित यौन उत्पीड़न की घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। आयोग के एक बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह समिति 18 अप्रैल को टीसीएस की नासिक शाखा में जाकर मौके पर जांच करेगी। इसके तहत वे घटनाक्रम के संदर्भ और उससे जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से समझेंगे।

जांच समिति का यह कदम कंपनी के अंदर कथित यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद उठाया गया है। समिति से उम्मीद है कि वे न केवल मौजूदा परिस्थितियों की पड़ताल करेंगे, बल्कि अधिकारियों की भूमिका और उनके प्रतिक्रिया के तरीके का भी मूल्यांकन करेंगे। महिला आयोग ने यह भी बताया कि उनकी प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना और कार्यस्थल को सुरक्षित बनाना है।

इस घटना को लेकर टीसीएस ने भी कहा है कि कंपनी किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न को गंभीरता से लेती है और सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करती है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि वे आयोग के साथ पूरी तरह सहयोग करेंगे ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

स्थानीय कार्यकर्ता एवं महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन भी इस जांच को लेकर आशान्वित हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामले कार्यस्थलों में सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हैं और जरूरत है कि हर कंपनी में एक सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

महिला आयोग के अनुसार, उनकी जांच समिति का दौरा अप्रैल में निर्धारित तिथि पर बगैर किसी बाधा के संपन्न होगा। जांच के बाद आयोग उचित कार्रवाई हेतु अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार और संबंधित विभागों को सौंपेगा। इस पहल को महिला अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

इस बीच, टीसीएस ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि कंपनी हर संभव कदम उठाएगी ताकि सुरक्षा की भावना बनी रहे और किसी भी प्रकार की उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं।

यह मामला इंजीनियरिंग एवं आईटी क्षेत्र में कार्यस्थलों की सुरक्षा पर एक नए सिरे से चर्चा को जन्म देगा और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे अन्य कंपनियों को भी अपनी सुरक्षा नीतियों को पुनः जांचने और सुधारने का संदेश मिलेगा।