लंदन, इंग्लैंड – हाल के अध्ययनों से पता चला है कि टीकाकरण ने यूनाइटेड किंगडम में लाखों लोगों की जान बचाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन ने संक्रामक बीमारियों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका है और टीकाकरण कार्यक्रमों की सफलता महामारी नियंत्रण के लिए अभिन्न रही है।
टीकाकरण के कारण खसरा, कुकूड़, और पोलियो जैसे बीमारियों में भारी कमी आई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम हुआ है। इसके बावजूद, कुछ इलाकों में टीका लगवाने में हिचकिचाहट एक प्रमुख समस्या बनी हुई है। इस हिचकिचाहट के कारण पूरे समुदायों में हीमपॉक्स जैसे रोग फैलने का खतरा बना रहता है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि वैक्सीन के प्रति विश्वास बढ़ाने और जागरूकता फैलाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। इसके लिए विभिन्न मीडिया चैनलों और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने जनता को टीकाकरण के महत्त्व के बारे में जानकारी प्रदान की है।
अधिकतर विशेषज्ञ मानते हैं कि misinformation और भय की भावना की वजह से ही टीका हिचकिचाहट बनी हुई है। इसलिए सरकार ने भी झूठी खबरों से बचाव के लिए कदम उठाए हैं और प्रमाणित जानकारियों का प्रसार सुनिश्चित किया है।
इसके साथ ही बच्चों के टीकाकरण को लेकर माता-पिता में भरोसा बनाए रखने के लिए स्कूलों और वॉर्कशॉप का आयोजन भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि पूरी टीम के सहयोग से ही इस समस्या का समाधान संभव होगा।
यूनाइटेड किंगडम की सरकार का लक्ष्य है कि सभी योग्य लोगों को वैक्सीनेट किया जाए ताकि टीकाकरण कवरेज 95% से ऊपर पहुंच सके और herd immunity बन सके। इससे भविष्य में महामारी के प्रकोप को रोकना आसान होगा।
अतः यह स्पष्ट है कि भले ही टीकाकरण ने प्रभावशाली भूमिका निभाई है, लेकिन वैक्सीन हिचकिचाहट की समस्या को दूर करने के लिए निरंतर प्रयासों और सामूहिक जागरूकता की आवश्यकता है।
