नई दिल्ली, भारत – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 2026 से लागू होने वाले इस नए टू-एग्जाम सिस्टम के तहत छात्रों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। यह बदलाव नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुरूप लाया जा रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दौरान छात्रों पर लगने वाले दबाव को कम करना तथा उनकी पढ़ाई में बेहतर समझ पैदा करना है।
इस नई व्यवस्था के तहत, अगर कोई छात्र पहली बार परीक्षा के परिणाम से संतुष्ट नहीं होता है तो वह दूसरी बार परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकता है। अंतिम मार्कशीट में दोनों प्रयासों में से बेहतर अंक शामिल किए जाएंगे। इससे छात्रों को जोखिम-मुक्त दूसरा अवसर मिलता है, जिससे उनकी संपूर्ण प्रदर्शन की गुणवत्ता में सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बोर्ड परीक्षा की प्रणाली और भी अधिक लचीली और छात्र-केंद्रित बनेगी।
टू-एग्जाम सिस्टम का दूसरा बड़ा लाभ मानसिक दबाव में कमी है। वर्तमान में, एक ही दिन परीक्षा के कारण छात्रों पर बहुत अधिक तनाव होता है। नई योजना के अंतर्गत दो बार परीक्षा देने से तनाव कम होगा और छात्र अपनी कमजोरियों को पहचान कर सुधार कर सकेंगे। साथ ही केवल अंतिम परीक्षा पर निर्भर रहने के बजाय पूरे साल की पढ़ाई, प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाएगा। इससे वे छात्र जिनका प्रदर्शन सालभर बेहतर होता है पर परीक्षा में अच्छा नहीं होता, उनको फायदा मिलेगा।
पुरानी प्रणाली में साल में केवल एक बार परीक्षा आयोजित होती थी, जहां नतीजे उसी एक परीक्षा के आधार पर घोषित होते थे। यह स्थिति छात्रों के लिए कई बार चिंताजनक रही है, क्योंकि एक ही परीक्षा में खराब प्रदर्शन का सीधा नतीजा होता था। नए मॉडल में इस खतरे को कम करने के लिए दूसरा मौका उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा अब सिर्फ सिलेबस पूरा कर लेने से अधिक महत्व कॉन्सेप्ट समझने और उसकी उपयोगिता पर दिया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 के बोर्ड रिजल्ट में औसत अंक बढ़ने की संभावना है क्योंकि छात्र अधिक संतुलित और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। अभिभावकों और विद्यार्थियों दोनों ने इस बदलाव की सराहना की है, क्योंकि इससे शिक्षा प्रणाली और अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनेगी।
इस परिवर्तन के संबंध में अधिक जानकारी और अपडेट के लिए छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट व विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह नया टू-एग्जाम सिस्टम भारतीय शिक्षा में एक नया अध्याय खोलने वाला है, जो छात्र केंद्रित और तनावमुक्त शिक्षा के रास्ते पर एक बड़ा कदम साबित होगा।
