कोलकाता, पश्चिम बंगाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन मामले में कुल ₹159.51 करोड़ की संपत्ति जप्त की है, जिससे इस मामले में कुल जप्त संपत्ति का मूल्य ₹482.22 करोड़に पहुँच गया है।
यह कार्रवाई इस साल की जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें कई आरोपियों के खिलाफ बड़ी मात्रा में आर्थिक अपराधों का पता चला है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में विस्तृत छानबीन के बाद अवैध खनन से जुड़े धन के स्रोतों की पहचान की और उसके आधार पर संबंधित संपत्तियों को अटैच किया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने भी इस मामले में सहकार्य करते हुए कानून और व्यवस्था बनाए रखने में मदद की है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई छापेमारी और जप्त संपत्तियों की पुष्टि की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध खनन से होने वाले राजस्व की हानि को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले पर और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी ताकि आम जनता को पूरी जांच प्रक्रिया से अवगत कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कोयला खनन रोकने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
इस बीच, जांच एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों और कंपनियों पर निगरानी बढ़ाए हुए हैं और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे देश में अवैध खनन जैसे अपराधों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।
