हैदराबाद, तेलंगाना। ताजा आम के मौसम के आगमन के बीच हैदराबाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने रासायनिक परिपक्वता के संदेह में बड़ी मात्रा में आम जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए आम ऐसे क्षेत्रों से थे जहां परंपरागत रूप से रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है ताकि आम को जल्दी पकाया जा सके, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुमित्रा ने बताया कि आमों के नमूनों की जांच में पाए गए कीमिकल्स न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी करते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे केवल प्रमाणित विक्रेताओं से ही आम खरीदें और कहीं भी संदिग्ध रूप से चमकीले या जल्दी करपने वाले आम न खरीदें।
सामान्य तौर पर रसायनिक तौर पर पकाए हुए आमों की छीलन रंग में असामान्य चमक दिखाती है और उनका स्वाद भी अलग होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आमों में कीमती पोषक तत्व कम होते हैं और वे पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए आम खरीदते समय उपभोक्ताओं को स्वाद और रंग के अलावा आम की ताजगी, गंध और छिलका की बनावट पर भी ध्यान देना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने क्षेत्र में चल रही जांच में बढ़ावा दिया है और आम विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे केवल सुरक्षित और स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप आम ही बाजार में लाएं। साथ ही, इस कार्रवाई को आम जनता में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक रूप से पकाए गए आमों से बचकर उपभोक्ता न केवल अपनी सेहत का ध्यान रख सकते हैं, बल्कि वे स्थानीय किसानों और वास्तविक विक्रेताओं को भी प्रोत्साहन देंगे, जो पारंपरिक प्राकृतिक तरीकों का पालन करते हैं।
अंत में, यह मौसम आम के प्रेमियों के लिए आनंद का समय होता है, लेकिन सावधानी बरतना आवश्यक है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे विश्वसनीय स्रोतों से ही आम खरीदें और बिना पूरी जानकारी के किसी भी तरह की रासायनिक परिपक्वता से बचें ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
