नई दिल्ली, भारत – अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्राप्त करना भारतीय नागरिकों के लिए लंबे समय से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा है। ग्रीन कार्ड, जिसे परमानेन्ट रेसिडेंट कार्ड भी कहा जाता है, अमेरिका में स्थायी आवास और काम करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि एक भारतीय नागरिक को इस कार्ड को प्राप्त करने में कितना समय लगता है?
अमेरिकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया की जटिलता और लंबी प्रतीक्षा अवधि के कारण, कई भारतीयों को इस प्रक्रिया में कई साल लग जाते हैं। अमेरिका में विभिन्न श्रेणियों के तहत ग्रीन कार्ड के आवेदन होते हैं, जैसे कि परिवार पुनर्मिलन, रोजगार आधारित, और शरणार्थी या असलीम नागरिकता। भारत से आवेदन करने वाले अधिकांश लोग रोजगार आधारित श्रेणी में आते हैं, जिनमें भी अवार्ड श्रेणियाँ जैसे EB-2, EB-3 प्रमुख हैं।
परन्तु, भारत के लिए आवेदनों की भारी मांग होने की वजह से, रोजगार आधारित श्रेणियों में अप्रत्याशित देरी होती है। वर्तमान में, कुछ श्रेणियों में ग्रीन कार्ड के लिए प्रतीक्षा अवधि लगभग 10 से 20 साल तक हो सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इन प्रतीक्षा समयों को बढ़ाकर 150 साल तक भी दिखाया गया है, जो कि प्रत्यक्ष नहीं लेकिन प्रतीक्षा अवधि के अनुमानित और व्याख्यात्मक संदर्भों में बताया गया है।
प्रोफेशनल्स और आव्रजन विशेषज्ञ बताते हैं कि ये लंबे समय के कारण मुख्य रूप से भारत के आवेदकों की संख्या में भारी वृद्धि, व्हाइटहाउस नीतियों और USCIS (United States Citizenship and Immigration Services) के संसाधनों की कमी हैं। इसलिए, भारतीय आवेदकों के लिए अमेरिका में स्थायी निवास की राह जटिल और समय-साध्य साबित हो रही है।
हालांकि, अमेरिका सरकार ने ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए कुछ सुधारों की घोषणा की है जिससे आवेदकों को लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही, कुछ उम्मीदवार अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने के लिए भी प्रयासरत रहते हैं जो ग्रीन कार्ड के बाद अगला कदम होता है।
अंत में कह सकते हैं कि भारत से अमेरिका में स्थायी निवास की प्रक्रिया लंबी है और इसे लेकर धैर्य रखना आवश्यक है। भारतीयों के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि वे नवीनतम USCIS नियमों और प्रक्रियाओं से अवगत रहें ताकि समय पर दस्तावेज प्रस्तुत करके अपनी संभावना बढ़ा सकें।
